Prashant Kishor Biography: जन सुराज पार्टी के संस्थापक, जिन्होंने राजनीति की दिशा बदली जानिए PK की पूरी कहानी
कौन हैं प्रशांत किशोर? – भारत की राजनीति के असली गेमचेंजर
Prashant Kishor Biography: प्रशांत किशोर, जिन्हें लोग ‘PK’ के नाम से जानते हैं, भारत के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र (UN) के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम से की और आठ साल काम करने के बाद राजनीति में कदम रखा।
उन्होंने नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, और अरविंद केजरीवाल जैसे कई नेताओं को जीत की राह दिखाई।
2 अक्टूबर 2024 को PK ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य है जनता के बीच से सुशासन की नई सोच को जन्म देना।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) |
| लोकप्रिय नाम | PK |
| जन्म वर्ष | 1976 या 1977 |
| जन्म स्थान | सासाराम, बिहार, भारत |
| मूल गांव | कोनार, रोहतास जिला, बिहार |
| राजनीतिक पार्टी | जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) |
| पार्टी की स्थापना तिथि | 2 अक्टूबर 2024 |
| पूर्व राजनीतिक पद | उपाध्यक्ष, जनता दल (यूनाइटेड) (2018–2020) |
| जीवनसाथी | डॉ. जान्हवी दास (Guwahati, Assam) |
| संतान | 1 पुत्र |
| शिक्षा | इंजीनियरिंग में स्नातक (Bachelor’s Degree in Engineering) |
| पूर्व पेशा | सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ (UN Project) |
| वर्तमान पेशा | राजनीतिज्ञ, जन सुराज पार्टी के संस्थापक |
| ज्ञात कार्यों के लिए प्रसिद्ध | चुनावी रणनीति, जन सुराज पदयात्रा, सुशासन अभियान |
| नेट वर्थ (अनुमानित) | ₹241 करोड़ |
| विशेष उपलब्धि | ₹11 करोड़ मात्र दो घंटे की सलाह के लिए कमाए |
| राष्ट्रीय पहचान | भारत के प्रमुख राजनीतिक रणनीतिकारों में से एक |
| आधिकारिक वेबसाइट | 🌐 www.jansuraaj.org |
प्रशांत किशोर की शुरुआती जिंदगी और करियर की शुरुआत
Prashant Kishor Biography: बिहार के सासाराम जिले के एक साधारण परिवार में जन्मे प्रशांत किशोर, जिन्हें आज भारत का सबसे सफल राजनीतिक रणनीतिकार कहा जाता है, उनकी कहानी बेहद प्रेरणादायक है।
उनका जन्म 1976 या 1977 में हुआ था। उनके पिता डॉ. श्रीकांत पांडे एक चिकित्सक थे, जबकि माता सुशीला पांडे गृहणी थीं। परिवार में शिक्षा और सेवा का वातावरण था, जिसने किशोर को बचपन से ही समाज की वास्तविकताओं को करीब से देखने की प्रेरणा दी।
सासाराम के कोनार गांव में पले-बढ़े प्रशांत किशोर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई यहीं से शुरू की, जिसके बाद वे बक्सर चले गए, जहाँ उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की। बचपन से ही जिज्ञासु स्वभाव और विश्लेषणात्मक सोच वाले किशोर ने आगे चलकर इंजीनियरिंग में स्नातक (Bachelor’s Degree in Engineering) की डिग्री प्राप्त की।
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद, उन्होंने राजनीति में नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से जुड़ी एक सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) परियोजना में काम शुरू किया। इस क्षेत्र में उन्होंने लगातार आठ वर्षों (2003–2011) तक कार्य किया और ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य नीतियों, सामाजिक चुनौतियों और विकास की जमीनी सच्चाई को समझा।
यही अनुभव आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव बना, जहाँ वे केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनहित आधारित राजनीति की बात करने लगे।
प्रशांत किशोर की जीवनसंगिनी डॉ. जान्हवी दास, असम की रहने वाली एक चिकित्सक हैं। दोनों की मुलाकात पेशेवर जीवन के दौरान हुई, और विवाह के बाद उनका एक पुत्र है। पारिवारिक जीवन में सादगी और पेशेवर जीवन में दृढ़ता, यही प्रशांत किशोर की असली पहचान है।
संयुक्त राष्ट्र से भारतीय राजनीति तक: प्रशांत किशोर का सफर
Prashant Kishor Biography: प्रशांत किशोर ने अपने करियर की शुरुआत सीधे राजनीति से नहीं की थी। उनकी असली ट्रेनिंग हुई संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में, जहाँ उन्होंने ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य और विकास के विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा। आठ साल तक (2003–2011) इस क्षेत्र में काम करने के दौरान किशोर ने डेटा विश्लेषण, रणनीति बनाना और जमीनी समस्याओं का समाधान करने की कला सीखी।
इस अनुभव ने उन्हें यह एहसास दिलाया कि किसी भी प्रणाली में बदलाव केवल नीति बनाने से नहीं, बल्कि सटीक योजना, रणनीति और जनता के जुड़ाव से आता है। यही सोच आगे चलकर उनके राजनीतिक जीवन की नींव बनी।
2011 में, उन्होंने पहली बार राजनीति के मैदान में कदम रखा। गुजरात में नरेंद्र मोदी के तीसरे मुख्यमंत्री चुनाव अभियान (2012) में उन्होंने अपनी रणनीतिक क्षमता का लोहा मनवाया। उन्होंने बिना किसी सरकारी पद या पार्टी ऑफिस के भाजपा के चुनाव अभियान को नई दिशा दी।
इसके बाद, 2013 में किशोर ने Citizens for Accountable Governance (CAG) की स्थापना की। इस ग्रुप ने 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की भारी जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस समय से ही किशोर देशभर में एक सुपर रणनीतिकार के रूप में उभरने लगे।
उनकी सफलता की खास वजह थी डेटा, सोशल मीडिया, और जनता के साथ सीधा संवाद, जिसे उन्होंने अपने कई चुनाव अभियानों में लागू किया। यही तकनीकें आगे चलकर उन्हें बिहार, पंजाब, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, और तमिलनाडु जैसे राज्यों के चुनावों में सफलता दिलाने में मदद कीं।
Note: इस तरह, प्रशांत किशोर ने संयुक्त राष्ट्र के पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ से भारत के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक रणनीतिकार बनने का अद्भुत सफर तय किया।
जन सुराज पार्टी और बिहार में राजनीतिक बदलाव
प्रशांत किशोर ने 2021 में चुनावी रणनीति से खुद को पीछे हटाने के बाद कहा था कि अब वे केवल जनता के बीच जाकर वास्तविक बदलाव लाना चाहते हैं। इसी विचारधारा के साथ उन्होंने जन सुराज अभियान की शुरुआत की।
इस अभियान का उद्देश्य था: “जनता की सरकार, जनता के लिए।” प्रशांत किशोर ने अपने गृह राज्य बिहार में 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू की। इस पदयात्रा के दौरान वे सीधे लोगों से मिले, उनकी समस्याएं सुनीं, और यह समझने की कोशिश की कि जनता किस प्रकार की सरकार चाहती है।
2 अक्टूबर 2024 को, उन्होंने इस अभियान को औपचारिक रूप दे कर जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) की स्थापना की। पार्टी का मुख्य एजेंडा है
- सुशासन और पारदर्शिता
- शिक्षा और रोजगार के अवसर
- ग्रामीण और शहरी भारत में समान विकास
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और उनकी भागीदारी के साथ सरकार बनाना है।
जन सुराज पार्टी के प्रमुख तथ्य
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पार्टी की स्थापना | 2 अक्टूबर 2024 |
| संस्थापक | प्रशांत किशोर |
| मुख्य उद्देश्य | सुशासन, शिक्षा, रोजगार |
| पहला चुनाव | बिहार विधानसभा 2025 |
| वेबसाइट | www.jansuraaj.org |
जन सुराज पार्टी के गठन के साथ ही बिहार में राजनीतिक परिदृश्य में नई उम्मीदें जगी हैं। प्रशांत किशोर की रणनीति, जनता से जुड़ाव और “सुनो और समझो” की नीति ने इस पार्टी को एक नई पहचान दी है।
Note: प्रशांत किशोर का यह नया अध्याय साबित करता है कि केवल चुनाव जीतना ही सफलता नहीं, बल्कि जनता की भलाई और शासन में पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
प्रशांत किशोर: राजनीति के मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट की शुरुआत
Prashant Kishor Biography: प्रशांत किशोर ने 2012 में गुजरात से अपनी राजनीतिक रणनीति की यात्रा शुरू की, जब उन्होंने नरेंद्र मोदी के चुनाव अभियान को संभाला। इसके बाद उन्होंने Citizens for Accountable Governance (CAG) के माध्यम से 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई। PK ने बाद में BJP, JD(U), INC, AAP, YSRCP, DMK और TMC जैसी प्रमुख पार्टियों के लिए रणनीति तैयार की, और खुद को भारत के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में स्थापित किया।
PK द्वारा संभाले गए प्रमुख चुनाव अभियान
| वर्ष | पार्टी / नेता | चुनाव | परिणाम |
|---|---|---|---|
| 2012 | बीजेपी (नरेंद्र मोदी) | गुजरात विधानसभा | जीत |
| 2014 | बीजेपी | लोकसभा चुनाव | ऐतिहासिक जीत |
| 2015 | महागठबंधन (नीतीश कुमार) | बिहार विधानसभा | जीत |
| 2017 | कांग्रेस (अमरिंदर सिंह) | पंजाब विधानसभा | जीत |
| 2019 | YSRCP (जगनमोहन रेड्डी) | आंध्र प्रदेश | जीत |
| 2020 | AAP (अरविंद केजरीवाल) | दिल्ली विधानसभा | जीत |
| 2021 | TMC (ममता बनर्जी) | पश्चिम बंगाल | जीत |
| 2021 | DMK (एम.के. स्टालिन) | तमिलनाडु | जीत |
जब PK ने छोड़ा चुनावी रणनीति का मैदान
प्रशांत किशोर, जिन्हें PK कहा जाता है, भारतीय राजनीति के प्रसिद्ध रणनीतिकार रहे हैं। 2021 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सफल चुनाव के बाद उन्होंने चुनावी रणनीति से रिटायर होने की घोषणा की और जनता के बीच जाकर वास्तविक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। इसके बाद उन्होंने बिहार में जन सुराज पार्टी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करना है।
प्रशांत किशोर: राजनीति के रणनीतिकार से ब्रांड तक
प्रशांत किशोर, जिन्हें प्यार से PK कहा जाता है, भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित और प्रभावशाली रणनीतिकारों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में केवल दो घंटे की सलाह देकर ₹11 करोड़ कमाए और पिछले तीन सालों में लगभग ₹241 करोड़ की कंसल्टेंसी फीस अर्जित की। यह दिखाता है कि PK सिर्फ एक राजनीतिक सलाहकार नहीं, बल्कि अपने आप में एक ब्रांड और भरोसेमंद विशेषज्ञ बन चुके हैं।
उनकी रणनीति ने कई बड़े नेताओं और पार्टियों की किस्मत बदली है, जिससे वह चुनावी राजनीति में सबसे महत्वपूर्ण नाम बन गए। जनता के बीच सीधे संवाद और आधुनिक चुनावी तकनीकों का उपयोग उनके खास अंदाज को दर्शाता है। PK का यह सफर साबित करता है कि योग्यता, रणनीति और दूरदर्शिता मिलकर किसी भी व्यक्ति को राजनीति में एक शक्तिशाली ब्रांड बना सकती है।
Prashant Kishor का व्यक्तिगत जीवन
Prashant Kishor Biography: प्रशांत किशोर, जिन्हें PK के नाम से जाना जाता है, न केवल राजनीति में अपने रणनीतिक कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं बल्कि अपने सरल और सादे जीवन के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी पत्नी, डॉ. जान्हवी दास, असम की रहने वाली एक चिकित्सक हैं, और दोनों का एक प्यारा बेटा है। परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जीवनशैली में सादगी उनकी निजी पहचान का अहम हिस्सा है। राजनीति की हलचल और बड़े चुनावी अभियान के बीच भी PK हमेशा अपने परिवार के साथ समय बिताना प्राथमिकता मानते हैं और यही उनके व्यक्तिगत जीवन की खूबसूरती को दर्शाता है।
निष्कर्ष: बिहार की नई राजनीति की उम्मीद, प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर, भारत के सफल राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के संस्थापक, ने अपनी रणनीति, जनता से जुड़ाव और दूरदर्शी सोच से बिहार की राजनीति में नई उम्मीद जगाई है। उनके नेतृत्व में जन सुराज पार्टी 2025 के बिहार चुनाव में बदलाव की नई लहर ला सकती है।
Disclaimer:
Prashant Kishor Biography: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। लेखक या वेबसाइट किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का समर्थन नहीं करती।
FAQ: Prashant Kishor Biography
प्रशांत किशोर कौन हैं?
उत्तर: प्रशांत किशोर, जिन्हें PK भी कहा जाता है, भारत के प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार और वर्तमान में जन सुराज पार्टी के संस्थापक हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं के चुनावी अभियान में रणनीति बनाई है।
Prashant Kishor की जन्म तिथि और शिक्षा क्या है?
उत्तर: प्रशांत किशोर का जन्म 1976 या 1977 में सासाराम, बिहार में हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की और बीते समय में संयुक्त राष्ट्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य परियोजनाओं में 8 साल तक काम किया।
Prashant Kishor ने कितनी राजनीतिक पार्टियों के लिए काम किया है?
उत्तर: PK ने BJP, JD(U), INC, AAP, YSRCP, DMK, TMC सहित कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के लिए रणनीति बनाई। उनकी सबसे बड़ी पहचान 2014 में BJP की ऐतिहासिक जीत के लिए है।
Jan Suraaj Party कब और क्यों बनी?
उत्तर: 2 अक्टूबर 2024 को PK ने जन सुराज पार्टी की औपचारिक घोषणा की। इसका उद्देश्य बिहार में सच्चे सुशासन और जनता के लिए शासन को बढ़ावा देना है। PK ने पहले 3,000 किलोमीटर की पदयात्रा की थी, ताकि जनता से सीधे संवाद किया जा सके।
Prashant Kishor की नेट वर्थ कितनी है?
उत्तर: PK ने केवल दो घंटे की सलाह के लिए ₹11 करोड़ कमाए। कुल मिलाकर उन्होंने पिछले तीन सालों में लगभग ₹241 करोड़ की कंसल्टेंसी फीस प्राप्त की है।
Prashant Kishor ने राजनीतिक रणनीति से रिटायर कब किया?
उत्तर: 2021 में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीतने के बाद PK ने चुनावी रणनीति से रिटायर होने की घोषणा की और जनता के बीच जाकर सच्चे सुशासन के लिए काम करने का निर्णय लिया।
Prashant Kishor की पर्सनल लाइफ कैसी है?
उत्तर: PK की पत्नी डॉ. जान्हवी दास हैं, जो असम की रहने वाली चिकित्सक हैं। उनका एक बेटा है। PK अपनी राजनीतिक गतिविधियों के बावजूद साधारण और परिवार के साथ समय बिताने वाले नेता हैं।
Jan Suraaj Party का पहला चुनाव कौन सा होगा?
उत्तर: Jan Suraaj Party का पहला चुनाव 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में होने का अनुमान है। पार्टी का मुख्य एजेंडा सदाचार, रोजगार, शिक्षा और जनता के लिए शासन है।
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